कांकेर:- ग्राम कलवर और आसपास के क्षेत्रों में संचालित खनन परियोजनाओं को लेकर ग्राम पंचायत भीरावाही के ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों का कहना है कि बीएसपी के अंतर्गत देव मांईस, गोदावरी मांईस और सीएमडीसी मांईस तीनों खदानें क्रमशः उत्तर, पूर्व और पश्चिम दिशा में संचालित हैं, जिनसे ग्राम पंचायत भीरावाही प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित हो रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि खदानों से निकलने वाला लालपानी लगातार कृषि भूमि और पर्यावरण को नुकसान पहुँचा रहा है। इससे किसानों की फसलें प्रभावित हो रही हैं और खेती योग्य जमीन की गुणवत्ता भी घट रही है।
साथ ही, रोजगार को लेकर भी ग्रामीणों ने गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि खदान क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाले गांवों के युवाओं को काम पर नहीं रखा जा रहा है, जबकि बाहरी लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है। इस कारण भीरावाही समेत आसपास के गांवों के कई बेरोजगार युवा रोजगार की तलाश में अन्य राज्यों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं।
ग्रामीण प्रतिनिधिमंडल ने जिला कार्यालय पहुंचकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और मांग की कि प्रभावित क्षेत्रों के युवाओं को खदानों में प्राथमिकता से रोजगार उपलब्ध कराया जाए तथा कृषि भूमि और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
ज्ञापन सौंपने वाले ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्यवाही नहीं होती है तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को विवश होंगे।
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