Wednesday, 9 September, 2026
Breaking News
बारिश जाते ही रेत माफिया लौट आए… और प्रशासन अभी भी सो रहा है! ग्रामीण शिकायतें दे रहे… माफिया ले जा रहे रेत… सवाल-कार्रवाई कौन करेगा? #BreakingKanker #Durgukondal #News #SandMafia #IllegalMiningCG
बारिश जाते ही रेत माफिया लौट आए… और प्रशासन अभी भी सो रहा है! ग्रामीण शिकायतें दे रहे… माफिया ले जा रहे रेत… सवाल-कार्रवाई कौन करेगा? #BreakingKanker #Durgukondal #News #SandMafia #IllegalMiningCG

बारिश थमते ही अवैध उत्खनन की गूंज, ग्रामीणों ने दी लिखित शिकायत

 फिर सक्रिय हुए रेत माफिया

कांकेर। जिले में बारिश समाप्त होते ही एक बार फिर अवैध रेत उत्खनन के मामले तेज़ी से सामने आने लगे हैं। कई क्षेत्रों में नदी-नालों का जलस्तर कम होते ही रेत माफिया सक्रिय हो गए हैं। ग्रामीण लगातार स्थानीय प्रशासन से कार्रवाई की गुहार लगाकर लिखित शिकायतें सौंप रहे हैं। सबसे ताज़ा मामला दुर्गुकोंदल ब्लॉक से सामने आया है—वही ब्लॉक, जहां हाल ही में मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना के तहत करीब 7 करोड़ रुपये के कथित घोटाले को लेकर जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पहले से ही सवालों के घेरे में रही है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि कोण्डरुन ग्राम से होकर बहने वाली कोटेरा नदी के किनारे रेत माफिया बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन कर रहे हैं। इस संबंध में ग्रामवासियों ने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, भानुप्रतापपुर को लिखित शिकायत सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में कहा गया है कि माफिया रात के अंधेरे में चैन-माउंटेन मशीनों और हाईवा ट्रकों का उपयोग कर भारी मात्रा में रेत निकालते हैं और इसे अवैध रूप से सप्लाई किया जाता है।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Channel Join Now

राजनीतिक गर्माहट: पहले भी लगे थे गंभीर आरोप

दुर्गुकोंदल क्षेत्र में इससे पहले भी रात में बड़े स्तर पर चैन-माउंटेन मशीनों से अवैध उत्खनन का मामला गरमा चुका है। उस समय विपक्ष ने सत्ताधारी नेताओं पर संरक्षण देने का आरोप लगाया था। अब एक बार फिर उसी इलाके में अवैध रेत खनन की खबरों के बाद खनिज विभाग की सक्रियता पर सवाल उठने लगे हैं।

चारामा क्षेत्र में भी विरोध तेज, कलेक्टर को सौंपा गया ज्ञापन

केवल दुर्गुकोंदल ही नहीं, बल्कि चारामा क्षेत्र के चार ग्राम पंचायत—भिलाई, करिहा भिरौद, मचांदूर और माहुद—के ग्रामीण एवं सरपंच भी हाल ही में कलेक्ट्रेट पहुंचे और खनिज विभाग के एक अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाए। ग्रामीणों ने कहा कि अधिकारी नए खनन नियम 2025 के तहत सप्लीमेंट्री एग्रीमेंट करने का मौखिक दबाव डाल रहे हैं, जबकि उनकी रेत खदानों का पट्टा 2024 से 2029 तक पुराने नियमों के अनुसार वैध है। ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों ने हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि सप्लीमेंट्री एग्रीमेंट पूरी तरह वैकल्पिक प्रावधान है, जिसे केवल वही पट्टाधारक स्वीकार करते हैं जो अतिरिक्त 1 वर्ष का विस्तार चाहते हों—जबकि वे ऐसा नहीं चाहते।

25% F.D. और अग्रिम रॉयल्टी ग्रामीणों के लिए असंभव

नए प्रावधान में 25 प्रतिशत FD और अग्रिम रॉयल्टी जमा करने की बाध्यता है, जिसे पंचायतों ने अत्यंत बोझिल और अव्यवहारिक  बताया। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी खदानें नियमों के अनुरूप चल रही हैं और पर्यावरण स्वीकृति पहले ही जारी है-ऐसे में नए नियमों का दबाव अनावश्यक है।

पंचायतों ने कलेक्टर को चार प्रमुख मांगें सौंपी हैं:

  1. सप्लीमेंट्री एग्रीमेंट के लिए मौखिक दबाव तत्काल बंद किया जाए।

  2. 2029 तक का मौजूदा पट्टा पूर्णतः वैध माना जाए।

  3. किसी भी परिस्थिति में सप्लीमेंट्री एग्रीमेंट अनिवार्य न किया जाए।

  4. पेसा कानून का अक्षरशः पालन कर ग्रामसभा की अनुमति के बिना कोई प्रक्रिया न चलाई जाए।

राजस्व हानि और बुनियादी ढांचे पर मंडरा रहा खतरा

अवैध रेत उत्खनन से जहां राजस्व को भारी नुकसान हो रहा है, वहीं सैकड़ों गांवों को जोड़ने वाले पुल और पुलियों पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है। बीते बारिश में एक पुल में दरार आने के बाद आवागमन रोकना पड़ा था। इस घटना ने अवैध उत्खनन के खतरनाक दुष्प्रभाव को लेकर चिंता बढ़ाई है।

अब, बारिश के थमते ही फिर से अवैध रेत उत्खनन बढ़ने लगा है, जिससे खनिज विभाग पर लगातार सवाल उठ रहे हैं—क्या विभाग इस पर कार्रवाई करेगा, या रेत माफिया खुलेआम लूट जारी रखेंगे? आने वाले दिनों में प्रशासनिक प्रतिक्रिया और कार्रवाई इस विवाद को किस दिशा में ले जाएगी, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।


 

Was this article helpful?
YesNo

Live Cricket Info

About Prakash Thakur

प्रकाश ठाकुर, पेज 16 न्यूज़ के मुख्य संपादक हैं। एवं वर्षों से निष्पक्ष, सत्य और जनहितकारी पत्रकारिता के लिए समर्पित एक अनुभवी व जिम्मेदार पत्रकार के रूप में कार्यरत हूँ।

Check Also

सक्रिय हुआ लाखों का जुए का नेटवर्क....बदले ठिकाने... बदला पूरा सिस्टम? चनार, चोरिया और कोकपुर की चर्चा....हर दिन लाखों के दांव की चर्चा कथित संरक्षण पर उठने लगे सवाल....अब पुलिस की कार्रवाई का इंतजार #NarharpurNews #KankerPolice #Chanar #Choriya #Kokpur #NorthBastar #CGBreaking #LocalCrime #GroundZero #CrimeInvestigation

नरहरपुर इलाके में सक्रिय हुआ लाखों का जुए का नेटवर्क?

नए ठिकाने, हाईटेक सिस्टम और कथित संरक्षण पर उठने लगे सवाल Follow Us कांकेर:- जिले …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *