नए ठिकाने, हाईटेक सिस्टम और कथित संरक्षण पर उठने लगे सवाल
कांकेर:- जिले में जुआ और सट्टे के खिलाफ पुलिस की शुरुआती सख्ती ने कुछ समय के लिए अवैध कारोबार की कमर तोड़ दी थी। पुलिस अधीक्षक के पदभार संभालते ही सभी थाना एवं चौकी प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि जुआ-सट्टे के खिलाफ बिना किसी दबाव के प्रभावी कार्रवाई की जाए। इसके बाद जिलेभर में लगातार छापेमारी हुई, कई जुआरी और सटोरिए गिरफ्तार हुए तथा पुराने अड्डों पर गतिविधियां लगभग ठप पड़ गई थीं।
लेकिन अब एक बार फिर जिले में बड़े पैमाने पर जुए के संचालन की चर्चाएं तेज हो गई हैं। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, पुलिस की कार्रवाई के बाद जुआ संचालकों ने अपना नेटवर्क और ठिकाने दोनों बदल दिए हैं। पहले मुख्यालय के चिऊरांज और घोटिया क्षेत्र के जंगलों में लगने वाली कथित जुए की महफिलें अब नरहरपुर क्षेत्र के चनार, चोरिया और कांकेर विकासखंड के कोकपुर गांव के आसपास संचालित होने की चर्चा है, जहां प्रतिदिन लाखों रुपये के दांव लगाए जाने की बात कही जा रही है।
पुलिस की नजर से बचने के लिए बदला गया कथित पूरा सिस्टम
सूत्रों का दावा है कि कार्रवाई से बचने के लिए जुआरियों ने अब पूरी कार्यप्रणाली बदल दी है। जिले के बाहर से आने वाले कथित जुआरी पहले अपने मोबाइल फोन बंद कर निर्धारित स्थान तक पहुंचते हैं। वहां उनके मोबाइल जमा करा लिए जाते हैं और फिर स्थानीय लोगों के माध्यम से अलग-अलग वाहनों में उन्हें वास्तविक स्थान तक पहुंचाया जाता है। माना जा रहा है कि इस तरीके का उद्देश्य लोकेशन ट्रैकिंग और मुखबिरी की संभावना को कम करना है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
बदला जुआरियों का जुटान स्थल
जानकारों के अनुसार, पहले जुआरियों का जुटान नगर के पुराने बस स्टैंड क्षेत्र में होता था। अब चर्चा है कि एसपी बंगले से कुछ दूरी पर स्थित ऐतिहासिक नरहरदेव मैदान के आसपास भी कथित रूप से लोगों का जुटान होने लगा है। यदि यह जानकारी सही है, तो यह पुलिस के लिए नई चुनौती और कानून-व्यवस्था के लिहाज से गंभीर विषय हो सकता है।
संरक्षण की भी चर्चा
स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि इस अवैध कारोबार को कुछ प्रभावशाली लोगों का कथित संरक्षण प्राप्त है। सूत्रों के अनुसार, संचालन के बदले कथित रूप से ‘नाल’ के नाम पर राशि वसूली जाती है। इतना ही नहीं, चर्चा यह भी है कि कुछ संरक्षक स्वयं भी खेल में भाग लेते हैं। हाल ही में एक प्रभावशाली व्यक्ति द्वारा लगभग 40 लाख रुपये जीतने की चर्चा भी इलाके में बनी हुई है।
अब पुलिस कार्रवाई का इंतजार
जिले में जुए के कथित नए नेटवर्क को लेकर चर्चाओं के बीच अब लोगों की निगाहें कांकेर पुलिस पर टिकी हैं। यदि इन सूचनाओं में तथ्य हैं, तो आने वाले दिनों में पुलिस की कार्रवाई यह तय करेगी कि इन कथित नए अड्डों पर कब तक शिकंजा कसता है। वहीं यदि आरोप निराधार हैं, तो निष्पक्ष जांच से वास्तविक स्थिति भी स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल इतना तय है कि अवैध जुआ केवल कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक अपराध भी है। ऐसे में इन चर्चाओं की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर प्रभावी कार्रवाई जनहित और कानून व्यवस्था-दोनों की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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