
कांकेर,:- कांकेर जिले के अंतर्गत आने वाला अंतागढ़ क्षेत्र इन दिनों विकास और प्रशासनिक उपेक्षा का दंश झेल रहा है। क्षेत्रीय सामाजिक कार्यकर्ता अनूप नाग ने शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा है कि अंतागढ़ क्षेत्र के साथ लगातार सौतेला व्यवहार किया जा रहा है, जिससे जनता में आक्रोश व्याप्त है।
अनूप नाग ने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय रावघाट क्षेत्र की भौगोलिक दूरी को ध्यान में रखते हुए अंतागढ़ में अपर कलेक्टर की पदस्थापना की गई थी, जिससे क्षेत्र के लोगों को न्यायालयीन कार्यों में सुविधा मिली थी। इससे गरीब ग्रामीणों का समय और आर्थिक बोझ दोनों कम हुए थे।
लेकिन हाल ही में अंतागढ़ के अपर कलेक्टर का स्थानांतरण हो गया है और अब तक नए अपर कलेक्टर की पदस्थापना नहीं की गई है। वर्तमान में कांकेर के अपर कलेक्टर को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है, जिससे स्थानीय पक्षकारों को फिर से समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। नाग ने सवाल किया कि “क्या जनप्रतिनिधि इस मुद्दे को गंभीरता से लेंगे या जनता इसी तरह उपेक्षा की शिकार रहेगी?”
रावघाट क्षेत्र की जनता बीएसपी (Bhilai Steel Plant) से भी नाराज़ है। अनूप नाग ने आरोप लगाया कि “खदान शुरू होने से पहले जो वादे किए गए थे, वे पूरे नहीं हुए”। क्षेत्र के आदिवासी किसानों और बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं का वादा किया गया था, जो अब केवल कागजों तक सीमित रह गए हैं।
बीएसपी पर क्षेत्र के दोहन का आरोप लगाते हुए नाग ने कहा कि “स्थानीय युवाओं को नजरअंदाज कर बाहरी ट्रांसपोर्टरों को खनिज परिवहन का काम दिया गया है, जिससे क्षेत्रीय बेरोजगारों में रोष है”। कई युवा कर्ज लेकर ट्रक व अन्य वाहन खरीदे, लेकिन वादाखिलाफी के कारण आर्थिक संकट में फंस गए हैं।
नाग ने सवाल किया कि रावघाट स्वास्थ्य केंद्र का बंद होना क्या सरकार की विफलता नहीं है? क्षेत्रीय जनता को मूलभूत स्वास्थ्य सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं, जबकि जनप्रतिनिधि इस ओर गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं।
पिछले दिनों सांसद महोदय द्वारा रावघाट क्षेत्र में बीएसपी के करोड़ों रुपये के विकास कार्यों का सत्यापन किया गया था। नाग ने मांग की कि “इन विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति जनता के सामने रखी जाए”। यदि कार्य धरातल पर नहीं दिखे, तो सांसद व विधायक ने इस विषय पर सेल प्रबंधन व इस्पात मंत्रालय से क्या कार्रवाई की? यह भी जनता जानना चाहती है।
नाग का स्पष्ट कहना है कि “अंतागढ़ क्षेत्र प्रदेश के राजनैतिक मानचित्र पर उपेक्षित है”। यह स्थिति तब और चिंताजनक हो जाती है जब यही क्षेत्र सांसद और विधायक का गृह ग्राम है। फिर भी जनता की समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है।
“जनता सब देख रही है। यदि जल्द ठोस पहल नहीं की गई तो क्षेत्र की जनता अपने अधिकारों के लिए आंदोलन करने पर मजबूर होगी,”।
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