
कांकेर:- जिले के नक्सल प्रभावित कोयलीबेडा क्षेत्र में डीएमएफ मद के तहत किसानों को सिंचाई पाइप वितरण न किए जाने को लेकर एक बार फिर राजनीतिक तापमान बढ़ गया है। मैट्टाबोटेली माइनिंग क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी प्रभावित गाँवों में अब तक पाइप वितरण नहीं होने से किसानों में नाराज़गी गहराती जा रही है। खनन गतिविधियों से प्रभावित किसानों का कहना है कि खेती के लिए सिंचाई पाइप अत्यंत आवश्यक हैं, लेकिन जिले में डीएमएफ मद की योजनाएँ लंबे समय से अनियमितताओं और देरी का शिकार रही हैं।
AAP ने उठाई जोरदार आवाज, पाइप छुपाकर रखने का आरोप
दो दिन पहले मामला तब गर्माया जब आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि DMF के तहत मिलने वाले पाइप पिछले 6–7 महीनों से ग्राम बोवेली के पटेल के घर पर गुप्त रूप से रखे गए थे। AAP कार्यकर्ताओं ने इसे डीएमएफ मद के गंभीर दुरुपयोग और शासन-प्रशासन की लापरवाही बताया। AAP नेताओं ने कहा कि यदि पाइप वितरण के लिए सामग्री उपलब्ध थी, तो उसे पात्र किसानों तक पहुँचाने में इतनी देरी क्यों की गई? उन्होंने इसे “सिस्टम की गड़बड़ी और छिपाने की कोशिश” करार दिया।
AAP की जिला इकाई ने प्रशासन से मांग की है कि-पांच दिवस के भीतर माइनिंग प्रभावित क्षेत्र के सभी पात्र किसानों को पाइप वितरित किए जाएँ वितरण की पूरी सूची सार्वजनिक की जाए सूची की एक प्रति आम आदमी पार्टी को भी उपलब्ध कराई जाए पार्टी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि निर्धारित समय सीमा में कार्रवाई शुरू नहीं होती है, तो वे कृषि मंत्री का पुतला दहन कर जोरदार विरोध प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी उग्र स्थिति की जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
DMF मद पर बार-बार उठते रहे हैं भ्रष्टाचार के आरोप
कांकेर जिले में DMF योजनाओं को लेकर पहले भी-अनियमितता,भ्रष्टाचार, और योजनाओं के गलत उपयोग जैसी शिकायतें समय-समय पर सामने आती रही हैं। विपक्षी दल अक्सर आरोप लगाते रहे हैं कि DMF की राशि का उपयोग जमीन पर वास्तविक विकास के बजाय “कागजी योजनाओं” में अधिक होता है। कोयलीबेडा, जो घोर नक्सल प्रभावित क्षेत्र है, वहाँ सिंचाई, पानी, सड़क और आजीविका से जुड़ी योजनाएँ किसानों के जीवन पर सीधा असर डालती हैं। ऐसे में पाइप वितरण में देरी को लेकर किसानों की नाराज़गी स्वाभाविक है। AAP के खुलासे और ग्रामीणों की बढ़ती नाराज़गी के बाद स्थानीय प्रशासन पर पाइप वितरण प्रक्रिया तेज करने का दबाव बढ़ गया है। उधर किसानों का कहना है कि यदि सामग्री मौजूद है तो वितरण में और देरी किसी भी हाल में स्वीकार नहीं की जाएगी।
भाजपा नेता के करीबी के घर में रखे गए पाइप…?
ग्रामीण सूत्रों ने खुलासा किया है कि छुपाकर रखे गए सिंचाई पाइप एक दिग्गज आदिवासी भाजपा नेता के करीबी के घर की बाड़ी में रखे गए थे। सवाल उठाया जा रहा है कि जब पाइप DMF से आए थे,तो उन्हें विभागीय कार्यालय में रखने की बजाय राजनीतिक व्यक्ति के करीबी के घर क्यों रखा गया? इससे कृषि विभाग के स्थानीय अधिकारी व कर्मचारी भी सवालों के घेरे में हैं।
अधिकारी ने किया फोन ब्लॉक
मामले की पुष्टि के लिए कोयलीबेडा विकासखंड के सहायक कृषि विस्तार अधिकारी नवलू राम नेताम से संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल को ब्लॉक कर व्यस्त कर दिया, जिससे उनका पक्ष नहीं लिया जा सका।
वहीं, प्रभारी जिला उप संचालक कृषि ने बताया-
“मामले की जानकारी मिली है। 07 दिनों के भीतर सभी पात्र किसानों को सिंचाई पाइप वितरित कर दिए जाएँगे।”
बार-बार घोटालों से जुड़ता रहा है कोयलीबेडा क्षेत्र
कोयलीबेडा वह क्षेत्र रहा है जहाँ-मनरेगा घोटाला,नकली खाद–बीज प्रकरण, तालाब निर्माण घोटाले जैसे कई मामले पहले ही सामने आ चुके हैं। अब किसानों के सिंचाई पाइप छुपाए जाने की घटना ने फिर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह घटना बताती है कि DMF मद जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना आज भी सबसे बड़ी चुनौती है।
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