कांकेर:-पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं मंडला सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते रविवार को छत्तीसगढ़ दौरे के दौरान कांकेर पहुंचे। उनके आगमन पर विभिन्न सामाजिक संगठनों,जनप्रतिनिधियों और आदिवासी संगठनों ने सौजन्य मुलाकात कर स्वागत किया। इस अवसर को सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों को सामने रखने के रूप में भी देखा गया।
कांकेर प्रवास के दौरान छत्तीसगढ़ अनुसूचित जनजाति शासकीय सेवक विकास संघ, जिला उत्तर बस्तर कांकेर के प्रतिनिधिमंडल ने श्री कुलस्ते से विशेष भेंट कर जिले से जुड़ी समस्याओं के निराकरण हेतु 10 बिंदुओं का विस्तृत ज्ञापन सौंपा। संघ ने शिक्षा, रोजगार, खेल, प्रशासनिक सुधार और आरक्षण से जुड़े मुद्दों पर उनका ध्यान आकृष्ट कराते हुए शीघ्र कार्रवाई की मांग की।
संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि कांकेर जिले के दूरस्थ एवं दुर्गम ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासी छात्र आठवीं एवं दसवीं की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद 11वीं–12वीं की पढ़ाई के लिए आवश्यक सुविधाओं के अभाव में शिक्षा से वंचित हो जाते हैं। इस समस्या के समाधान के लिए जिले में 50 से 100 सीट क्षमता वाले अधिक से अधिक प्री-मैट्रिक छात्रावास एवं आवासीय विद्यालय खोले जाने की मांग की गई।
खेल के क्षेत्र में जिले के प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं द्वारा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धियां हासिल किए जाने का उल्लेख करते हुए संघ ने कांकेर में बी.पी.एड. कॉलेज की स्थापना को आवश्यक बताया, जिससे स्थानीय स्तर पर खेल प्रतिभाओं को प्रशिक्षण मिल सके।
इसके साथ ही युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए कांकेर में एक इंजीनियरिंग महाविद्यालय की स्थापना की मांग रखी गई। संघ का कहना है कि तकनीकी शिक्षा की उपलब्धता से जिले के युवाओं को बाहर पलायन नहीं करना पड़ेगा।
ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि जिला स्तर पर तृतीय एवं चतुर्थ वर्ग की शासकीय भर्तियों में स्थानीय निवासियों को शत-प्रतिशत प्राथमिकता दी जाए, ताकि स्थानीय बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर मिल सकें। साथ ही जिले के सभी विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं शासकीय संस्थानों द्वारा संचालित आदिवासी छात्रावासों एवं आश्रमों में अधीक्षक पद पर आदिवासी वर्ग के ही अधिकारियों की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए।
संघ ने जिलास्तरीय शासकीय सेवा भर्ती एवं पदोन्नति में आरक्षण रोस्टर का पूर्ण पालन, अनुसूचित जाति, जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग के बैकलॉग पदों की पूर्ति के लिए विशेष भर्ती अभियान चलाने तथा वर्ष 2011 से निर्धारित 2.50 लाख रुपये की आय सीमा समाप्त कर आरक्षित वर्गों की छात्रवृत्ति व्यवस्था को सरल बनाने की मांग भी रखी।
बस्तर संभाग की भौगोलिक व्यापकता को ध्यान में रखते हुए विद्युत विभाग के प्रशासनिक कार्यों में सुधार के लिए कांकेर मुख्यालय में एक अतिरिक्त क्षेत्रीय लेखाधिकारी कार्यालय स्थापित करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही। इसके अलावा खनिज संसाधनों से समृद्ध कांकेर जिले में स्थानीय आदिवासी शिक्षित युवाओं को शासकीय एवं निजी खनन उपक्रमों में रोजगार उपलब्ध कराने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई।
पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और मांगों को संबंधित मंचों पर उठाने का आश्वासन दिया। संघ ने विश्वास जताया कि शासन एवं प्रशासन इन मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए ठोस कदम उठाएगा। इस अवसर पे प्रान्ताध्यक्ष आर.एन.धुव्र.आर.पी नेताम जिलाध्यक्ष, आर.पी मंडावी अशोक गोटाबाबूलाल कोमरे श्रीमति तारा पोटाई, श्रीमति सरस्वती टेकाम श्रीमति सरला नेताम,पवन नेताम लक्ष्मण कावडे कोमल नेताम साधू नेताम अनिल नेताम अल्पेश वट्टी दिलीप कोमरा सहित अन्य सदस्य भी शामिल
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