कांकेर:- जिले से एक प्रेरणादायक सफलता की कहानी सामने आई है, जहां एक आदिवासी छात्रा ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
कृतिका टेकाम ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की 10वीं बोर्ड परीक्षा में 97 प्रतिशत अंक हासिल कर देशभर के 801 एकलव्य आवासीय विद्यालयों में पहला स्थान प्राप्त किया है। इस उपलब्धि ने न केवल कांकेर, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित किया है।
कृतिका मूल रूप से केशकाल के सिंघनपुर क्षेत्र की रहने वाली हैं पारिवारिक परिस्थितियां उनके लिए चुनौतीपूर्ण रहीं-पिता का निधन हो चुका है और उनकी माता आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के रूप में परिवार का पालन-पोषण कर रही हैं। कृतिका कक्षा 6वीं से ही कांकेर में रहकर पढ़ाई कर रही हैं।
सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद कृतिका ने यह साबित कर दिया कि दृढ़ संकल्प और निरंतर मेहनत के साथ किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। उनकी सफलता आदिवासी अंचल के छात्रों के लिए नई उम्मीद और प्रेरणा का स्रोत बनी है।
इस उपलब्धि पर प्रदेश के मुख्यमंत्री और आदिम जाति कल्याण मंत्री ने कृतिका को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रतिभाशाली विद्यार्थी देश के लिए गौरव हैं और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की क्षमता रखते हैं।
विद्यालय के शिक्षकों और परिजनों ने भी इस सफलता पर गर्व व्यक्त करते हुए इसे पूरे क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक क्षण बताया है। कृतिका ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी माता, शिक्षकों और नियमित अभ्यास को दिया है। कृतिका का सपना आगे चलकर इंजीनियर बनना और देश की सेवा करना है।
कांकेर की इस बेटी ने यह साबित कर दिया है कि प्रतिभा किसी संसाधन की मोहताज नहीं होती। कृतिका टेकाम की सफलता आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मजबूत संदेश है—संघर्ष के बीच भी सपनों को हासिल किया जा सकता है।
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