गांधी उद्यान में मोमबत्ती जलाकर युवाओं ने किया नमन
कांकेर:-अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ 1942 की क्रांति में अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर शहीद क्रांतिवीर हेमू कालाणी को उनके शहादत दिवस पर कांकेर में भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। बुधवार शाम गांधी उद्यान में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में सिंध समाज सहित विभिन्न समाजों के युवाओं और नागरिकों ने मोमबत्तियां जलाकर शहीद को नमन किया और उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समाजसेवी संस्था “जन सहयोग” के अध्यक्ष अजय पप्पू मोटवानी ने कहा कि वर्ष 1942 के स्वतंत्रता संग्राम में हजारों क्रांतिकारी सक्रिय थे, लेकिन हेमू कालाणी का साहस और बलिदान उन्हें विशेष बनाता है। मात्र 19 वर्ष की आयु में उन्होंने देश के लिए हँसते-हँसते फांसी का फंदा स्वीकार किया। उन्होंने बताया कि अंग्रेजी सेना से भरी ट्रेन को कराची पहुंचने से पहले पलटने के प्रयास में हेमू कालाणी गिरफ्तार हुए और अपने साथियों को बचाते हुए पूरा दोष स्वयं स्वीकार किया।
श्री मोटवानी ने कहा कि फांसी के समय भी हेमू कालाणी का अदम्य साहस देखने को मिला, जब उन्होंने हाथ बांधने और आंखों पर पट्टी लगाने से इनकार करते हुए स्वयं फांसी का फंदा अपने गले में डाला। उनका यह त्याग भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में अद्वितीय है। कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि हेमू कालाणी का जीवन युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है और उनका बलिदान सदैव देशभक्ति की भावना को जीवित रखेगा।
इस श्रद्धांजलि सभा में डॉ. लक्ष्मी चंद्र लालवानी, डॉ. कोर्राम, जैकी आहूजा, रमेश जवरानी, अजय पांडे, रोहित यादव, अखिलेश साहू, रोशन वाल्मीकि, विनोद वाल्मीकि, महेश विश्वकर्मा, बंटी यादव, महेश यादव सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं युवा उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में आम नागरिकों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की। उल्लेखनीय है कि समाजसेवी संस्था जन सहयोग द्वारा प्रतिवर्ष 21 जनवरी को अमर शहीद हेमू कालाणी की स्मृति में कांकेर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है।
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