कांकेर:-पखांजूर क्षेत्र में दो बांग्लादेशी नागरिकों की गिरफ्तारी ने एक बार फिर अवैध प्रवासियों के मुद्दे को गर्मा दिया है। सर्व आदिवासी समाज ने प्रशासन से कठोर कार्रवाई की मांग करते हुए संकेत दिया है कि यदि इस पर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो समाज सख्त रुख अपनाएगा।
सर्व आदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष कन्हैया उसेंडी ने कहा कि समाज लगातार यह मुद्दा उठाता रहा है कि पखांजूर क्षेत्र में अवैध बांग्लादेशी नागरिक निवास कर रहे हैं और स्थानीय निवासी बनने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हालिया गिरफ्तारी इस बात का प्रमाण है कि शिकायतें सही थीं। उसेंडी ने यह भी मांग की कि केवल आरोपियों को ही नहीं, बल्कि उनके जन्म प्रमाण पत्र बनाने में संलिप्त व्यक्तियों और जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जानी चाहिए।
तहसीलदार की शिकायत के बाद पुलिस ने ग्राम पीव्ही-127 अनुपपुर निवासी प्रशांत बैरागी और उसके पुत्र सुकृति बैरागी को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि दोनों की वीजा अवधि समाप्त हो चुकी थी, बावजूद इसके वे अवैध रूप से भारत में रह रहे थे। इतना ही नहीं, प्रशांत बैरागी ने अपने पुत्र का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए तहसील न्यायालय पखांजूर को गुमराह करते हुए फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत किए।
दोनों आरोपियों के वीजा दस्तावेज पुलिस ने ज़ब्त कर लिए हैं। प्रशांत (65 वर्ष) और सुकृति (28 वर्ष), मूल निवासी जिला खुलना (बांग्लादेश), को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें जेल भेजा गया है। पुलिस अब जन्म प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया में शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका की जांच कर रही है।
समाज की चेतावनी
आदिवासी समाज ने स्पष्ट किया है कि यह केवल दो व्यक्तियों का मामला नहीं है, बल्कि क्षेत्र में बड़े स्तर पर जांच की आवश्यकता है। समाज का कहना है कि यदि प्रशासन इस मामले में कठोर कदम नहीं उठाता, तो वे आंदोलनात्मक रुख अपनाने को बाध्य होंगे।
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