दंतेवाड़ा :- नक्सल प्रभावित कहे जाने वाले दंतेवाड़ा जिले ने आज खेल जगत में गर्व से सिर ऊंचा कर दिया है। जिले की तीन होनहार बेटियां नुपुर ठाकुर, छाया नाग, और नेहल ठाकुर ने तेलंगाना के खैराताबाद में आयोजित 11वीं राष्ट्रीय थाई बॉक्सिंग चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए दो स्वर्ण और एक रजत पदक जीतकर इतिहास रच दिया।
यह जीत केवल मेडल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन सैकड़ों बेटियों के लिए उम्मीद की नई किरण है जो विपरीत परिस्थितियों के बावजूद कुछ कर गुजरने का जज्बा रखती हैं।
तीन दिवसीय इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देशभर के 8 राज्यों से आए 150 खिलाड़ियों ने भाग लिया था, लेकिन छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधि के तौर पर पहुंचे 14 खिलाड़ियों ने बाजी मारते हुए कई पदक अपने नाम किए। खास बात यह रही कि दंतेवाड़ा की बेटियों का प्रदर्शन सबसे अधिक चमकदार रहा।
नुपुर ठाकुर और छाया नाग ने जहां स्वर्ण पदक जीतकर प्रदेश का मान बढ़ाया, वहीं नेहल ठाकुर ने रजत पदक के साथ अपनी मुक्केबाज़ी की क्षमता का लोहा मनवाया। नुपुर इससे पहले भी गोवा में आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं। यह दिखाता है कि ये बेटियां केवल एक बार नहीं, बार-बार अपने हुनर से मंच को चौंका रही हैं।
जहां एक ओर दंतेवाड़ा जैसे आदिवासी और नक्सल प्रभावित क्षेत्र में खेल संसाधनों की भारी कमी है, वहीं दूसरी ओर इन बेटियों ने सीमित साधनों के बावजूद अथक मेहनत, अनुशासन और जुनून से यह मुकाम हासिल किया। उनके कोच अनीस मेमन और संघ की सचिव टिकेश्वरी साहू ने प्रशिक्षण और रणनीति से खिलाड़ियों को सही दिशा में तैयार किया, जिसका असर पदकों की झड़ी के रूप में सामने आया।
दतेवाड़ा जिले में इन बेटियों की जीत के बाद बधाइयों का तांता लग गया है। सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासन ने बेटियों की सराहना करते हुए कहा कि यह नई पीढ़ी के लिए एक प्रेरणादायक मिसाल है। इन बेटियों ने दिखा दिया है कि दंतेवाड़ा अब सिर्फ संघर्ष का नाम नहीं, सफलता की नई परिभाषा भी है। इनकी कामयाबी का असर आने वाले दिनों में कई और युवाओं को खेल के क्षेत्र में प्रोत्साहित करेगा।
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