कांकेर:- छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय आव्हान पर आज कांकेर में जिला संयोजक प्रमोद तिवारी के नेतृत्व में कर्मचारियों ने रैली निकालकर मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव के नाम 11 सूत्रीय मांगों को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। इस रैली में जिलेभर के विभिन्न विभागों से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए और फेडरेशन ने राज्य शासन को चेताया कि यदि मांगों का समय पर समाधान नहीं किया गया, तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
मांगों की मुख्य रूपरेखा
जिला संयोजक प्रमोद तिवारी ने बताया कि फेडरेशन की प्रमुख मांगें केंद्र सरकार की ‘मोदी गारंटी’ के अनुरूप हैं, जिनमें प्रमुख हैं:
महंगाई भत्ता: प्रदेश के कर्मचारियों एवं पेंशनरों को केंद्र के समान 2% महंगाई भत्ता देय तिथि से दिया जाए।
एरियर्स का समायोजन: जुलाई 2019 से लंबित महंगाई भत्ते की एरियर्स राशि का समायोजन जीपीएफ खाते में किया जाए।
पिंगुआ समिति की रिपोर्ट: वेतन विसंगति संबंधी गठित समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
समयमान वेतनमान: सेवा अवधि के अनुसार 8, 16, 24 एवं 30 वर्षों पर चार स्तरीय पदोन्नत वेतनमान लागू किया जाए।
सेवानिवृत्ति आयु: सभी विभागों में अधिकारियों/कर्मचारियों की कमी को देखते हुए सेवानिवृत्त आयु 65 वर्ष की जाए।
नियमितीकरण: संविदा, कार्यभारित व दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों का नियमितीकरण कर नियमित पदस्थापना दी जाए।
कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा: अन्य भाजपा शासित राज्यों की तरह छत्तीसगढ़ में भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू की जाए।
अनुकंपा नियुक्ति: अनुकंपा नियुक्ति के लिए स्थायी आदेश जारी कर सीधी भर्ती में 10% सीमा हटाई जाए।
अर्जित अवकाश का नगदीकरण: मध्यप्रदेश की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में भी 300 दिवस अर्जित अवकाश का नगदीकरण लागू किया जाए।
पुरानी पेंशन: एनपीएस के स्थान पर पुरानी पेंशन लागू करते हुए सेवा गणना कटौती तिथि से की जाए।
तृतीय समयमान वेतनमान: सहायक शिक्षक एवं सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारियों को तृतीय समयमान वेतनमान की स्वीकृति आदेश जारी किए जाएं।
फेडरेशन ने चेताया कि यदि दिनांक 16 जुलाई 2025 तक इन मांगों का निराकरण नहीं किया गया, तो आंदोलन का प्रथम चरण 16 जुलाई को ज्ञापन सौंपकर पूर्ण किया जाएगा।
इसके पश्चात यदि 22 अगस्त 2025 तक कोई निर्णय नहीं लिया गया, तो 22 अगस्त को एक दिवसीय सामूहिक अवकाश लेकर सभी जिला, विकासखंड व तहसील मुख्यालयों में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। फेडरेशन ने स्पष्ट किया कि इसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
इस रैली और ज्ञापन कार्यक्रम में सुरेंद्र ठाकुर, हरीश कोडोपी, देवाल सिंह नेताम, राम कुमार जैन, रामेश्वर साहू, नंद कुमार सोनलोई, सुमन शर्मा, जय सिंह सोनकर, प्रशांत रवानी, सत्यप्रकाश शर्मा, छविलाल डडसेना, सुनील कुमार साहू, रवि महंत, पियूष कौशिक, एस.पी. मंडावी, श्रवण ध्रुव समेत बड़ी संख्या में अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
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