कांकेर:- मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) के तहत कांकेर जिले में प्रस्तुत फॉर्म-7 आवेदनों को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। अंजुमन इस्लामिया कमेटी, कांकेर ने आरोप लगाया है कि बिना ठोस प्रमाण के फर्जी और असत्य आपत्तियां दर्ज कराकर मतदाताओं के नाम हटाने का प्रयास किया गया। कमेटी ने इस संबंध में प्रशासन से निष्पक्ष और तथ्यात्मक जांच की मांग की है।
कमेटी द्वारा जिला प्रशासन को सौंपे गए पत्र के अनुसार, कांकेर शहर के शीतलापारा, श्रीराम नगर, शांति नगर, अघन नगर सहित अन्य वार्डों में फॉर्म-7 के माध्यम से बड़ी संख्या में आपत्तियां दर्ज कराई गईं। इन आवेदनों में मतदाताओं को अनुपस्थित अथवा स्थायी रूप से स्थानांतरित बताया गया, जबकि संबंधित मतदाताओं ने किसी भी प्रकार का आवेदन प्रस्तुत करने से इंकार किया है।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि ग्राम सरोना के मूल निवासी जाफर मेमन एवं उनके परिवार के नाम मतदाता सूची से विलोपित करने के लिए फॉर्म-7 में आवेदन दिया गया, जिसे कमेटी ने तथ्यों के विपरीत बताया है। कमेटी का दावा है कि ऐसे कई मामलों में आवेदक के नाम से आवेदन प्रस्तुत किए गए, परंतु पूछताछ के दौरान कथित आवेदकों ने आवेदन देने से इंकार किया।
अंजुमन इस्लामिया कमेटी ने मांग की है कि सभी फॉर्म-7 आवेदनों की सूक्ष्म और स्वतंत्र जांच कराई जाए तथा आवेदकों और प्रभावित मतदाताओं दोनों को बुलाकर उनके कथन दर्ज किए जाएं। साथ ही, यदि जांच में मिथ्या जानकारी देने की पुष्टि होती है, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के अंतर्गत कानूनी कार्रवाई की जाए।
मामले को लेकर जिला प्रशासन की ओर से अब तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। SIR प्रक्रिया के दौरान सामने आए इन आरोपों से जिले में मतदाता सूची की पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
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