कांकेर:- जिले के चारामा विकासखंड अंतर्गत ग्राम अरौद में महानदी रेत खदान से जुड़े एक मामले ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। जिला पंचायत सदस्य क्षेत्र क्रमांक-05 की महिला जनप्रतिनिधि श्रीमती तेजेश्वरी सिन्हा ने रेत खदान ठेकेदार श्रीकांत सोनी पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ तत्काल कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
श्रीमती सिन्हा द्वारा प्रशासन को सौंपे गए लिखित आवेदन के अनुसार, वह हाल ही में अपने क्षेत्र के विकास कार्यों और जनसंपर्क के सिलसिले में ग्राम अरौद गई थीं। इसी दौरान अरौद महानदी पुल की खराब स्थिति की जानकारी मिलने पर वह मौके पर पहुंचीं, जहां रेत ठेकेदार द्वारा कथित तौर पर उनके साथ गलत व्यवहार किया गया। स्थिति बिगड़ती देख वे वहां से लौट आईं।
आवेदन में आगे उल्लेख है कि 14 जनवरी को ठेकेदार द्वारा फोन कर उन्हें धमकाया गया और उनके ऊपर अवैध रूप से पैसे मांगने जैसे आरोप लगाए गए। महिला जनप्रतिनिधि का आरोप है कि कॉल के दौरान राजनीतिक दबाव का हवाला देते हुए उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई तथा अपमानजनक और अशोभनीय भाषा का प्रयोग किया गया।
श्रीमती सिन्हा ने यह भी कहा है कि वह एक महिला जनप्रतिनिधि होने के नाते अक्सर अपने क्षेत्र में अकेले आवागमन करती हैं और इस प्रकार की धमकियों से उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि उनके साथ किसी भी प्रकार की अनहोनी होती है तो संबंधित रेत ठेकेदार के साथ-साथ प्रशासन भी जिम्मेदार होगा।
महिला जनप्रतिनिधि ने आरोप लगाया कि इस पूरे घटनाक्रम से न केवल क्षेत्र का माहौल खराब हुआ है, बल्कि एक राष्ट्रीय राजनीतिक दल की छवि भी प्रभावित हो रही है, जिसकी वह समर्पित कार्यकर्ता हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि मामले में शीघ्र और ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो वे अन्य महिला जनप्रतिनिधियों और स्थानीय महिलाओं के साथ कलेक्ट्रेट के सामने धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य होंगी।
फिलहाल प्रशासन की ओर से इस शिकायत पर औपचारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। सूत्रों के अनुसार, मामले की जांच और तथ्यों के सत्यापन के बाद आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जा सकता है।
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