भानुप्रतापपुर। धान खरीदी सीजन शुरू होते ही क्षेत्र के किसानों में आक्रोश तेज़ हो गया है। बांसला सहित सात गांवों के किसानों ने आज अपनी प्रमुख मांग पर दबाव बनाने के लिए संबलपुर चौक पर चक्काजाम कर दिया। किसानों की एकमात्र मांग—”बांसला में नया धान खरीदी केंद्र तुरंत खोला जाए”। यह चक्काजाम अचानक शुरू हुआ, जिसके बाद मुख्य मार्ग पर यातायात कई घंटों तक पूरी तरह ठप रहा।
सुबह से ही बांसला, कोटागांव, टेमरू, मोहंदी, बीहड़पारा, कसवाभाठा और गढ़पारा के किसान भारी संख्या में संबलपुर चौक पहुंचे। किसानों ने सड़क पर डेरा डाल दिया और जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। ‘किसान एकता ज़िंदाबाद’, ‘बांसला में खरीदी केंद्र खोलो’ जैसे नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। चक्काजाम के कारण सड़क दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइनें लग गईं। बसें, ट्रक, बाइक और यात्री वाहन घंटों फंसे रहे, जिससे आम नागरिकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
10–15 किलोमीटर दूर धान ले जाना मजबूरी”-किसानों का दर्द
किसानों ने बताया कि उन्हें हर साल धान बेचने के लिए 10–15 किलोमीटर दूर स्थित केंद्रों तक जाना पड़ता है, जिससे परिवहन खर्च बढ़ता है और समय की भी भारी बर्बादी होती है। एक प्रदर्शनकारी किसान ने कहा- “हम छोटे किसान हैं। दूर-दराज केंद्रो तक धान ले जाना मुश्किल है। अगर बांसला में केंद्र खुल जाए, तो सैकड़ों किसानों को सीधी राहत मिलेगी।” किसानों ने बताया कि धान खरीदी केंद्र खोलने की मांग को लेकर वे लगातार मुख्यमंत्रियों और जिला प्रशासन तक ज्ञापन दे रहे हैं, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं होने से वे नाराज़ हैं।
किसानों ने दावा किया है कि बांसला गांव में धान खरीदी केंद्र संचालन के लिए-पर्याप्त स्थान, बड़ा स्कूल ग्राउंड, सामुदायिक भवन,और बेहतर सड़क कनेक्टिविटी उपलब्ध है। ग्रामीणों के अनुसार, यदि प्रशासन चाहे तो केंद्र खोलने में किसी तरह की तकनीकी या सुविधागत बाधा नहीं है।
“आश्वासन के बिना आंदोलन जारी रहेगा”
किसानों ने कहा कि यह आंदोलन बांसला और आसपास के सात गांवों की एकजुट आवाज़ है।
उन्होंने चेतावनी दी है-“जब तक केंद्र खोलने को लेकर ठोस आश्वासन नहीं मिलता, हमारा चक्काजाम और आंदोलन जारी रहेगा।” ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की है कि उनकी वास्तविक समस्याओं को समझते हुए जल्द से जल्द बांसला में धान खरीदी केंद्र की घोषणा की जाए।
Live Cricket Info
Page16 News Khabar Wahi Jo Sach Ho!
