कांकेर:- अवैध शराब कारोबार पर शिकंजा कसते हुए भानुप्रतापपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। अंग्रेजी शराब दुकान के एक कर्मचारी को मैनेजर की कार में अवैध शराब सप्लाई करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। यह मामला शराब दुकान के मैनेजर और कर्मचारियों के संरक्षण में पनप रहे अवैध नेटवर्क की ओर स्पष्ट इशारा करता है, जिस पर अब आबकारी विभाग की कार्रवाई का इंतजार है।
16,780 रुपए कीमत की शराब जब्त
गिरफ्तार आरोपी किशन दास मानिकपुरी (32 वर्ष), निवासी पोरोंडी थाना सिकसोड, सफेद रंग की सेंट्रो कार क्रमांक CG 04 V 7213 में शराब की सप्लाई कर रहा था। पुलिस की जांच में सामने आया कि यह कार शराब दुकान के मैनेजर की है। आरोपी से 7 नग सिंबा स्ट्रांग बियर और 26 नग गोल्डन गोवा अंग्रेजी शराब जब्त की गई, जिसकी कुल कीमत 16,780 रुपए आंकी गई है।
18 नवंबर को थाना प्रभारी रामेश्वर देशमुख के नेतृत्व में पुलिस टीम कस्बा भ्रमण पर थी। इसी दौरान गुप्त सूचना मिली कि बसंत नगर नारायणपुर इलाके में एक सेंट्रो कार से अवैध शराब की बिक्री की जा रही है। तुरंत कार्रवाई करते हुए पुलिस ने छापेमारी की और आरोपी को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया।
गवाहों की मौजूदगी में पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि वह शराब दुकान का कर्मचारी है और मैनेजर की कार से नियमित रूप से गांव-गांव में शराब सप्लाई करता था। पुलिस के अनुसार यह सिलसिला लगातार चल रहा था, जो अब एक संगठित नेटवर्क की ओर संकेत करता है।
अब आबकारी विभाग पर हैं निगाहें
पुलिस की कार्रवाई ने अवैध कारोबार की जड़ें उजागर कर दी हैं, लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या आबकारी विभाग मैनेजर और नेटवर्क के बड़े संचालकों पर कार्रवाई करेगा? क्या केवल कर्मचारी की गिरफ्तारी से मामला समाप्त माना जाएगा, या पूरे गिरोह को पकड़ा जाएगा?
स्थानीय स्तर पर लोगों की मांग है कि इस मामले की सख्त जांच हो और उच्च पदस्थ लोगों पर कार्रवाई की जाए, तभी अवैध शराब के इस नेटवर्क को जड़ से समाप्त किया जा सकेगा। भानुप्रतापपुर पुलिस ने संकेत दिया है कि क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अवैध शराब कारोबार को लेकर आगे भी कार्रवाई जारी रह सकती है।
Live Cricket Info
Page16 News Khabar Wahi Jo Sach Ho!
