कांकेर। शहर की सामाजिक संस्था जन सहयोग ने जनहित में पहल करते हुए नेशनल हाईवे पर स्थित दूधनदी के पुराने पुल की जर्जर रेलिंग की मरम्मत कर संभावित बड़े हादसे को टाल दिया। नागरिकों ने संस्था की इस पहल की सराहना की है।
जानकारी के अनुसार कांकेर में नेशनल हाईवे पर स्थित दूधनदी पुल के किनारे लगी रेलिंग काफी समय से टूटी और जर्जर अवस्था में थी। तेज रफ्तार से गुजरने वाले वाहनों के लिए यह स्थिति गंभीर खतरा बन चुकी थी। रेलिंग के क्षतिग्रस्त होने से वाहन सीधे नदी में गिरने की आशंका बनी हुई थी। साथ ही पैदल राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए भी दुर्घटना का जोखिम बढ़ गया था।
मामले की जानकारी संस्था के अध्यक्ष अजय पप्पू मोटवानी को दी गई। इसके बाद उन्होंने सदस्यों के साथ स्थल निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान रेलिंग की स्थिति अत्यंत खतरनाक पाई गई। तत्पश्चात संस्था के सदस्यों ने श्रमदान करते हुए तत्काल मरम्मत कार्य शुरू किया।
बांस-बल्लियों और उपलब्ध संसाधनों की सहायता से रेलिंग के टूटे हिस्सों को जोड़कर उसे अस्थायी रूप से मजबूत किया गया, ताकि आवागमन के दौरान किसी प्रकार की दुर्घटना न हो।
अध्यक्ष अजय पप्पू मोटवानी ने कहा कि पुल के किनारे टूटी रेलिंग किसी भी समय गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती थी। नदी का तल गहरा होने के कारण ऊंचाई से गिरने पर जान बचना मुश्किल है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि रेलिंग से किसी प्रकार की छेड़छाड़ न करें और सुरक्षा का ध्यान रखें।
इस श्रमदान कार्य में धर्मेंद्र देव, डॉ. श्याम देव, करण नेताम, शैलेंद्र देहारी, अजय पांडे, अखिलेश साहू सहित अन्य समाजसेवियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब तक संबंधित विभाग स्थायी मरम्मत नहीं कराता, तब तक इस तरह की सामाजिक पहल सराहनीय है। जन सहयोग की यह कार्रवाई नागरिक जिम्मेदारी और सामुदायिक भागीदारी का उदाहरण मानी जा रही है।
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