
कांकेर:- इस कलयुग में भी जब अपने माता-पिता की सेवा को बोझ समझा जाता है, वहीं कर्नाटक के मैसूर निवासी डॉ. कृष्ण कुमार अपने जीवन को मातृसेवा में समर्पित कर एक मिसाल पेश कर रहे हैं। 45 वर्षीय डॉक्टर कृष्ण कुमार अपनी 75 वर्षीय माता श्रीमती चूड़ा रत्नम्मा को लेकर पिछले 21 वर्षों से अपने स्कूटर पर पूरे भारत का भ्रमण कर रहे हैं। अब तक वे 96,000 किलोमीटर से अधिक की यात्रा कर चुके हैं।
वे प्रतिदिन सुबह 5 बजे से शाम 6 बजे तक 200 से 400 किलोमीटर की यात्रा तय करते हैं और रात्रि विश्राम किसी धर्मशाला या मंदिर में करना पसंद करते हैं। हाल ही में वे कांकेर पहुंचे, जहाँ उन्होंने उदयनगर स्थित साईं बाबा मंदिर में विश्राम किया।
इस अवसर पर जन सहयोग संस्था के अध्यक्ष अजय पप्पू मोटवानी के नेतृत्व में संस्था के सदस्यों ने डॉक्टर कृष्ण कुमार और उनकी माता जी का शाल और श्रीफल भेंटकर अभिनंदन किया। इस भावुक क्षण में सभी सदस्यों ने माताजी के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद लिया।
इस कार्यक्रम में प्रवीण गुप्ता, भूतपूर्व सैनिक टीके जैन, अजय जैन, करण नेताम, वरिष्ठ पत्रकार सीताराम शर्मा और अनुराग उपाध्याय विशेष रूप से उपस्थित रहे। श्री मोटवानी ने डॉक्टर कृष्ण कुमार को “कलयुग के श्रवण कुमार” बताते हुए उन्हें संस्था के लिए प्रेरणास्रोत कहा।
सुबह डॉक्टर कृष्ण कुमार अपनी माता जी के साथ जगदलपुर (बस्तर) के लिए रवाना हो गए, पीछे छोड़ गए एक गहरी प्रेरणा और भावनात्मक छाप।
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