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मूलभूत राशि के खर्च पर बड़े सवाल मिठाई, किराना और टेंट में खर्च? RTI से खुला पंचायत खर्च का ब्योरा #RTI #PanchayatNews #Kanker #BreakingLocal
मूलभूत राशि के खर्च पर बड़े सवाल मिठाई, किराना और टेंट में खर्च? RTI से खुला पंचायत खर्च का ब्योरा #RTI #PanchayatNews #Kanker #BreakingLocal

मूलभूत राशि के खर्च पर सवाल… क्या पंचायत में चलती है पार्टियां?

आरटीआई से खुला खर्च का ब्योरा, सरपंच-सचिव जांच के दायरे में

कांकेर:- ग्राम स्वराज की अवधारणा के साथ स्थापित पंचायती राज व्यवस्था का उद्देश्य गांवों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना है। लेकिन कांकेर जिले के जनपद पंचायत क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत अंडी में मूलभूत मद की राशि के कथित दुरुपयोग का मामला सामने आने से स्थानीय प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि विकास कार्यों के लिए निर्धारित राशि का उपयोग मिठाई, किराना और अन्य सामग्रियों की खरीदी में किया गया।

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सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार वर्ष 2022 से 2024 के बीच पंचायत द्वारा मूलभूत मद से किए गए खर्च में अनियमितता की आशंका जताई गई है। उपलब्ध बिल-वाउचरों में मिठाई पर 62,680 रुपये, किराना सामग्री पर 21,245 रुपये, मजदूरी भुगतान 16,422 रुपये, परिवहन कार्य में 32,500 रुपये, मिट्टी ढुलाई में 29,600 रुपये, बाल्टी-पोछा-मग की खरीदी में 28,810 रुपये, टेंट किराया 35,958 रुपये तथा इलेक्ट्रिक सामान पर 8,660 रुपये व्यय दर्शाया गया है।

हालांकि संबंधित अवधि में पंचायत को कुल कितनी राशि प्राप्त हुई, इसका स्पष्ट उल्लेख दस्तावेजों में नहीं है, लेकिन व्यय मदों की प्रकृति को लेकर सवाल उठ रहे हैं। राज्य शासन के मूलभूत कार्यों के दिशा-निर्देशों के अनुसार पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा कुछ कार्यों पर पूर्ण प्रतिबंध निर्धारित है। ऐसे में यह जांच का विषय है कि दर्शाए गए व्यय नियमों के अनुरूप थे या नहीं।

साल 2022 से 2024 तक हुए इन खर्चों को लेकर यह प्रश्न भी उठ रहा है कि क्या इनका नियमित वार्षिक ऑडिट हुआ था? यदि ऑडिट हुआ, तो कथित अनियमितताएं निरीक्षण में क्यों नहीं आईं? और यदि पाई गईं, तो संबंधित सरपंच या सचिव के विरुद्ध क्या कार्रवाई की गई? स्थानीय स्तर पर मांग की जा रही है कि विभाग पूरे मामले को सार्वजनिक करे, ताकि शासकीय राशि के दुरुपयोग पर रोक लगाने के लिए ठोस उदाहरण प्रस्तुत हो सके।

मामले में जब जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हरेश मंडावी से जानकारी ली गई तो उन्होंने कहा कि दस्तावेजों की विस्तृत जांच कराई जाएगी। तत्पश्चात नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

ग्राम विकास की निधि के उपयोग को लेकर उठे इन सवालों ने पंचायत स्तर पर पारदर्शिता और जवाबदेही की आवश्यकता को एक बार फिर रेखांकित किया है। अब निगाहें प्रशासनिक जांच और संभावित कार्रवाई पर टिकी हैं।

 

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About Prakash Thakur

प्रकाश ठाकुर, पेज 16 न्यूज़ के मुख्य संपादक हैं। एवं वर्षों से निष्पक्ष, सत्य और जनहितकारी पत्रकारिता के लिए समर्पित एक अनुभवी व जिम्मेदार पत्रकार के रूप में कार्यरत हूँ।

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