
बीजापुर:- छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों ने नक्सलियों की एक बड़ी साजिश को समय रहते विफल कर दिया। गोरना-मनकेली मार्ग पर डीमाइनिंग ड्यूटी के दौरान सुरक्षाबलों ने कुल 5 शक्तिशाली आईईडी (IED) बरामद किए, जिन्हें बाद में बम डिस्पोजल स्क्वॉड (BDS) की मदद से सुरक्षित तरीके से नष्ट कर दिया गया।
नक्सलियों की घातक योजना बेनकाब
सूत्रों के अनुसार, मनकेली से आगे एक कच्चे मार्ग पर जवानों को गश्त के दौरान संदिग्ध गतिविधियों की आशंका हुई। सघन जांच में 2-2 किलोग्राम के 3 बीयर बॉटल बम और 3-5 किलोग्राम के 2 टीफिन बम** बरामद किए गए। ये सभी IED करीब 3 से 5 मीटर की दूरी पर सीरिज में लगाए गए थे और कमांड स्विच के माध्यम से एक साथ विस्फोट करने की योजना थी।
यह स्पष्ट संकेत है कि नक्सली सुरक्षाबलों को निशाना बनाने के लिए पहले से घात लगाए बैठे थे। हालांकि सुरक्षाबलों की सतर्कता और बीजापुर बीडीएस टीम की तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया।
राज्यपाल का दौरा रद्द, संयोग या रणनीति?
उल्लेखनीय है कि घटना के दिन ही राज्यपाल का बीजापुर दौरा प्रस्तावित था, लेकिन अचानक इस दौरे को रद्द कर दिया गया। हालांकि सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है कि दौरा रद्द करने का कारण क्या था, लेकिन सुरक्षा हलकों में माना जा रहा है कि IED बरामदगी की घटना और दौरा रद्द करने के बीच गहरा संबंध हो सकता है।
सुरक्षा बलों की कार्यप्रणाली की सराहना
स्थानीय पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने इस सफलता को “सुरक्षा के मोर्चे पर बड़ी उपलब्धि” बताया है। लगातार चल रहे एरिया डोमिनेशन ऑपरेशनों और डीमाइनिंग गतिविधियों के चलते नक्सलियों के मंसूबों को समय-समय पर विफल किया जा रहा है।
नक्सल प्रभावित इलाकों में बढ़ी सतर्कता
घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और उच्च स्तर पर सतर्कता बरती जा रही है। सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा बलों ने आस-पास के इलाके में तलाशी अभियान भी तेज कर दिया है ताकि किसी और विस्फोटक या संदिग्ध गतिविधियों का पता लगाया जा सके।
यह कार्रवाई एक बार फिर साबित करती है कि सुरक्षाबल हर चुनौती के लिए तैयार हैं और नक्सल प्रभावित इलाकों में शांति स्थापित करने की दिशा में निरंतर कार्यरत हैं।
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