आछीडोंगरी के जंगल में लगाया गया था पिंजरा

कांकेर:- कांकेर जिले के दुधावा क्षेत्र में दहशत का पर्याय बन चुका तेंदुआ आखिरकार वन विभाग के पिंजरे में अलसुबह 3 बजे कैद हो गया। बीते कई हफ्तों से तेंदुआ गांवों के आसपास मंडराता हुआ देखा जा रहा था और पालतू मवेशियों पर हमलों के कारण ग्रामीणों में भय का माहौल था। सूत्रों के अनुसार, तेंदुआ आछीडोंगरी के जंगल क्षेत्र से आया हुआ था और कई गांवों को अपने खतरे की जद में ले चुका था। वन विभाग ने लंबे इंतजार और रणनीतिक निगरानी के बाद पिंजरा लगाया था, जो मंगलवार रात सफल रहा।
वन विभाग के अनुसार, पकड़े गए तेंदुए की उम्र करीब चार वर्ष है और यह एक स्वस्थ नर तेंदुआ प्रतीत हो रहा है। पिंजरे में कैद करने के बाद तेंदुए को सिंगारभाट रेस्ट हाउस लाया गया, जहां उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। स्वास्थ्य परीक्षण के उपरांत वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति मिलने के बाद तेंदुए को सुरक्षित वन क्षेत्र में रिहा किया जाएगा।
तेंदुआ पकड़े जाने की खबर जैसे ही फैली, स्थानीय ग्रामीणों की भीड़ घटनास्थल पर उमड़ पड़ी। हालांकि, वन विभाग ने इस पूरे मामले में मीडिया से दूरी बनाए रखी। अधिकारियों ने घटना की कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की, जिससे लोगों में असमंजस की स्थिति रही।
दुधावा, आछीडोंगरी और आसपास के इलाकों के ग्रामीणों ने तेंदुए के पकड़े जाने पर के बाद थोड़ी राहत की साँस ली लेकिन उस इलाके में और कितने हिंसक जीव मौजूद है इससे उनकी चिंताए बनी हुई है साथ ही यह मांग भी की कि भविष्य में वन्यप्राणी हमलों से सुरक्षा के लिए स्थायी समाधान निकाला जाए।
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