उच्च न्यायालय के स्थगन आदेश के बावजूद की गई तोड़फोड़, परिवार दहशत में
कांकेर (छत्तीसगढ़)। कांकेर थाना क्षेत्र के मोहल्ला शिवनगर, आंग्लवैदिक स्कूल के सामने रहने वाली महिला ज्योति गोनगे (पति – संतोष जोशी) ने एक गंभीर शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि लगभग 40-50 लोगों की भीड़ ने उनके मकान में जबरन घुसकर तोड़फोड़, गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी दी है। महिला ने आरोप लगाया कि हमलावरों ने सीसीटीवी कैमरा, मकान की छत, टीन-शीट, टीवी एवं अन्य सामान को तोड़कर नुकसान पहुंचाया। शिकायत के मुताबिक, मकान को लेकर न्यायालय में अतिक्रमण का प्रकरण चल रहा है और फिलहाल छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर द्वारा यथास्थिति बनाए रखने हेतु ‘स्थगन आदेश’ जारी किया गया है। इसके बावजूद भीड़ ने मकान को क्षतिग्रस्त कर दिया।भीड़ में इन लोगों के नाम शामिल बताए गए प्रहलाद, ओमकार साहू, बल्लू, दिनेश ठाकुर, उदेश उर्फ अउदेश नेताम, जयंत अटभैया, अर्चना दीवान, आरती दीवान, सुमित्रा दीवान, पार्वती सहित लगभग 40-50 अन्य लोग।
घटना के समय पुलिसकर्मी भी मौजूद-फिर भी हमला हुआ!
पीड़िता ने बताया कि दिनांक 14 नवंबर 2025 को दोपहर करीब 11:15 बजे अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही हेतु तहसीलदार और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची थी, लेकिन जब पीड़िता ने हाईकोर्ट का स्टे-ऑर्डर दिखाया, तो प्रशासन ने कार्रवाई रोक दी और वापस लौट गया। इसके बाद करीब 11:40 बजे मोहल्ले के लोग इकट्ठा हुए और दोपहर 12 बजे घर का दरवाजा तोड़कर हमला कर दिया। पीड़िता की प्रमुख मांगें सभी आरोपियों पर नामजद FIR दर्ज की जाए। परिवार को तत्काल पुलिस सुरक्षा प्रदान की जाए। तोड़फोड़ हुए मकान/निवास की मरम्मत हेतु शासन से आर्थिक सहायता दिलाई जाए। उच्च न्यायालय बिलासपुर के आदेश की अवहेलना करने वालों पर कड़ी कार्रवाई हो।
हम खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं”
पीड़िता ने कहा:
“छत तोड़ देने से हम खुले आसमान के नीचे रहने पर मजबूर हैं। मेरे पति को चोट आई है। बच्चा, भांजी, बुजुर्ग ससुर सभी भय में जी रहे हैं। यदि प्रशासन ने सुरक्षा नहीं दी, तो कोई भी बड़ी अनहोनी हो सकती है।”
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