कांकेर:- शिक्षा के क्षेत्र में “आकांक्षी जिला” का सम्मान पाने वाला कांकेर अब विभागीय विवादों और आरोप-प्रत्यारोप की चर्चाओं में घिर गया है। हाल ही में दुर्गुकोंदल ब्लॉक में 7 करोड़ रुपये की अनियमितता का मामला सामने आया था, अब उसी ब्लॉक में पदस्थ एक आदिवासी महिला अधिकारी की ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा उनके लिए मुश्किल का कारण बन गई है।
जानकारी के अनुसार, सहायक खंड शिक्षा अधिकारी श्रीमती अंजनी मंडावी ने मध्यान्ह भोजन योजना में हो रही लापरवाही और अनियमितताओं की जानकारी अपने वरिष्ठ अधिकारियों को दी थी। इस रिपोर्ट के बाद, छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक/समग्र शिक्षा फेडरेशन दुर्गुकोंदल ने महिला अधिकारी पर “दुर्व्यवहार” और “मानसिक उत्पीड़न” जैसे आरोप लगाते हुए उन्हें तत्काल हटाने की मांग की है।
वहीं, इस पूरे विवाद में अब छत्तीसगढ़ अजजा शासकीय सेवक विकास संघ, कांकेर महिला अधिकारी के समर्थन में खुलकर सामने आया है। संघ ने जिला कलेक्टर से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि श्रीमती मंडावी के खिलाफ लगाए गए आरोप पूरी तरह से मनगढ़ंत और कुत्सित हैं, जिनका उद्देश्य एक ईमानदार अधिकारी की छवि धूमिल करना है।
संघ ने ज्ञापन में उल्लेख किया है कि-
“श्रीमती अंजनी मंडावी ने केवल अपने पदानुरूप कार्य करते हुए स्कूल निरीक्षण के दौरान मिली अनियमितताओं की सूचना उच्चाधिकारियों को वीडियो और रिपोर्ट के माध्यम से दी थी। लेकिन इस पारदर्शी कार्रवाई को शिक्षक संघ ने ‘अपमानजनक व्यवहार’ बताकर गलत अर्थ में प्रचारित किया है, जिससे अधिकारी को मानसिक रूप से गहरा आघात पहुँचा है।”
अजजा संघ ने मांग की है कि इस मामले में द्विपक्षीय वार्ता आयोजित की जाए, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो और निर्दोष अधिकारी को न्याय मिल सके। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, दुर्गुकोंदल ब्लॉक में कुछ समय से प्रशासनिक अनुशासन और जवाबदेही को लेकर टकराव का माहौल है। वहीं, शिक्षा विभाग के कुछ कर्मचारी महिला अधिकारी की सख्त कार्यशैली से असहज बताए जा रहे हैं। श्रीमती मंडावी के समर्थन में कई सामाजिक संगठन भी आगे आने लगे हैं, जो इस प्रकरण को “ईमानदारी पर हमला” बता रहे हैं।
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