Breaking News
#KankerNews #ChhattisgarhUpdate #SchoolJatanYojana #EducationScam #Page16News #KankerCorruption
#KankerNews #ChhattisgarhUpdate #SchoolJatanYojana #EducationScam #Page16News #KankerCorruption

स्कुल जतन योजना में अधिकारी और बाबू कैसे बने ठेकेदार, अब खुल रही भ्रष्टाचार की परतें

कांकेर वर्ष 2025 का अंतिम चरण कांकेर शिक्षा विभाग के लिए विवादों का पर्याय बनता जा रहा है। 94 शिक्षकों की नियम विरुद्ध पदोन्नति का मामला तो कभी संयुक्त संचालक के खिलाफ शिक्षकों का जंगी प्रदर्शन, फिर और अब मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना में 07 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार का मामला विभाग की कार्यप्रणाली पर गहरा सवाल खड़ा कर रहा है। शासन-प्रशासन की चुप्पी इस पूरे प्रकरण को और भी संदिग्ध बना रही है।

ठेकेदार बने अधिकारी, बाबू-भ्रष्टाचार की परतें खुलीं

आदिवासी बाहुल्य दुर्गुकोंदल विकासखंड में मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना के तहत स्कूलों की मरम्मत और निर्माण कार्य के लिए करोड़ों रुपये स्वीकृत किए गए थे। लेकिन सूत्रों के मुताबिक, पूर्व अधिकारी और एक सहायक ग्रेड के बाबू ने मिलकर ठेकेदार बनकर राशि का दुरुपयोग किया। जानकारी के अनुसार, पूर्व अधिकारी ने दुर्ग जिले के राहुल ठाकुर नामक व्यक्ति के नाम पर फर्म पंजीकृत कर ठेका हथिया लिया, और भुगतान खुद प्राप्त कर लिया। वहीं, बाबू ने स्थानीय ठेकेदारों के नाम पर फर्जी कार्य करवाए। गुणवत्ता विहीन निर्माण, अधूरे कार्य और फर्जी बिलिंग के बावजूद भुगतान जारी कर दिया गया-यानी स्कूल जतन योजना, “जतन” के बजाय “भ्रष्टाचार” की मिसाल बन गई।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Channel Join Now

पूर्व नियोजित चाल-शपथ पत्र से बचने की कोशिश

जानकार बताते हैं कि दोनों आरोपितों को पहले से ही भ्रष्टाचार के उजागर होने का अंदेशा था। इसलिए उन्होंने शाला प्रबंधन समितियों से पहले ही शपथ पत्र पर हस्ताक्षर करवा लिए, जिनमें लिखा था कि-“समिति कार्य करने में असमर्थ थी, अतः संबंधित अधिकारी और बाबू को कार्य की अनुमति दी जाती है।” यह कदम अब जांच के दौरान खुद को निर्दोष साबित करने की साजिश माना जा रहा है। अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या जिले की सभी शालाओं ने भी इसी तरह के शपथ पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं?

 ग्रामीणों का अर्धनग्न प्रदर्शन- “स्कूल अधूरे, लेकिन बिल पूरे”

मामले के खुलासे के बाद ग्रामीणों ने अर्धनग्न प्रदर्शन कर प्रशासन का ध्यान खींचा। ग्रामीणों का आरोप है कि कई स्कूलों में निर्माण कार्य अधूरे हैं, दीवारें झड़ रही हैं, छतें टपक रही हैं-लेकिन भुगतान 100% कर दिया गया। “हमारे बच्चों के स्कूल आज भी जर्जर हैं, लेकिन अधिकारियों ने फाइलों में सब ठीक दिखा दिया,”यह प्रदर्शन अब कांकेर जिले की चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है।

भ्रष्टाचार पर भाजपा की चुप्पी

कांग्रेस शासनकाल में भाजपा भ्रष्टाचार के हर मुद्दे पर सड़क पर उतरती थी, लेकिन सत्ता में आने के बाद भाजपा सरकार की खामोशी लोगों के बीच सवाल खड़े कर रही है। 7 करोड़ रुपये के इस घोटाले पर न तो किसी मंत्री ने प्रतिक्रिया दी, न ही किसी जनप्रतिनिधि ने खुलकर संज्ञान लिया। वहीं, शिवसेना और स्थानीय सामाजिक संगठन निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए आंदोलन की चेतावनी दे चुके हैं। भाजपा की चुप्पी ने जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।

प्रशासनिक मौन या मिलीभगत का संकेत…?

स्थानीय जानकारों का मानना है कि यह मामला केवल एक आर्थिक घोटाला नहीं, बल्कि व्यवस्थागत भ्रष्टाचार का प्रतीक है। जब विभागीय अधिकारी खुद ठेकेदार बन जाएं, तो शासन पर जनता का भरोसा डगमगाना स्वाभाविक है। कांकेर जिले के दुर्गुकोंदल विकासखंड में मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना में हुआ 7 करोड़ रुपये का यह कथित घोटाला न केवल शिक्षा विभाग की विश्वसनीयता पर, बल्कि शासन की जवाबदेही और पारदर्शिता पर भी गंभीर प्रश्न खड़ा करता है। अब यह देखना बाकी है कि-क्या इस मामले में निष्पक्ष जांच और ठोस कार्रवाई होगी, या यह मामला भी सरकारी फाइलों की धूल में दबकर रह जाएगा?

 

Was this article helpful?
YesNo

Live Cricket Info

About Prakash Thakur

प्रकाश ठाकुर, पेज 16 न्यूज़ के मुख्य संपादक हैं। एवं वर्षों से निष्पक्ष, सत्य और जनहितकारी पत्रकारिता के लिए समर्पित एक अनुभवी व जिम्मेदार पत्रकार के रूप में कार्यरत हूँ।

Check Also

जब समाज और पुलिस साथ आए — तो स्वच्छता सिर्फ अभियान नहीं, संस्कार बनती है। कांकेर कोतवाली में जन-सहयोग का सराहनीय प्रयास।

कोतवाली परिसर में चला स्वच्छता अभियान, जन-सहयोगऔर पुलिस ने किया संयुक्त श्रमदान

Follow Us कांकेर:-शहर एवं प्रदेश की सक्रिय समाजसेवी संस्था जन-सहयोग द्वारा रविवार सुबह 18 जनवरी को …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *